रंग- राग : सुचित्रा सेन : सुशोभित सक्तावत
अपनी रूप-छवि के भीतर भूमिगत नदी-सी सुचित्रा सुशोभित सक्तावतसुचित्रा सेन की अपरिभाषेय रूप-छवि के बारे में सोचते हुए हमेशा किसी भूमिगत नदी की...
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अपनी रूप-छवि के भीतर भूमिगत नदी-सी सुचित्रा सुशोभित सक्तावतसुचित्रा सेन की अपरिभाषेय रूप-छवि के बारे में सोचते हुए हमेशा किसी भूमिगत नदी की...
2013 का पुस्तक परिदृश्यशब्दों से गपशप और कसौटी पर शब्द ओम निश्चलहिंदी की दुनिया जितनी बड़ी है, उतना बड़ा हिंदी-लेखन का घेरा नहीं है. तो भी साल भर...
French painter : Édouard Manet (1832–1883) संजय कुमार (९ अगस्त १९८७, भोपाल, कंप्यूटर एप्लीकेशन में परास्नातक उपाधि) एक प्राइवेट प्रतिष्ठान में आई.टी. मेनेजर, सिस्टम एवं नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर कार्यरत...
पेंटिग : Jean-Léon Gérômesnake-charmer-1870यतीन्द्र मिश्र कविता और संगीत के संगम के कवि हैं. शास्त्रीय संगीत में उनकी गहरी दिलचस्पी है. हिंदी में ललित कलाओं पर उनका लेखन रेखांकित करने योग्य...
महभारत यथार्थ का महा वृतांत है. एक ऐसा आईना जिस में आज भी हम अपना चेहरा देखते हैं. दर्पण का कोण बदलते ही यथार्थ के अनेक आयाम उद्घाटित होते हैं....
Mother & Child\"by B. Lucchesi.Italyपुष्पिता अवस्थी अपनी तरल संवेदना और सघन अनुभूति के लिए जानी जाती हैं. उनकी प्रेम कविताओं का एक विस्तृत संसार है. ‘नवजात अश्वेत शिशु के जन्म...
विजया सिंह अंग्रेजी में कविताएँ लिखती हैं, उनका पहला संग्रह First Instinct साहित्य अकादेमी से प्रकाशित होने वाला है. ये कविताएँ हिंदी में ही लिखी गयी हैं. १.ईरानी गलीचा यह गलीचा जो...
दाढ़ का दर्द सईद अय्यूबसईद की कहानियों का...
कुछ प्रेम कविताएँ _____________________________________प्रेम१.प्रेम वक्रोति नहीं पर अतिश्योक्ति जरुर है जहाँ चकरघिन्नी की तरह घूमते रहते हैं असंख्य शब्द झूठ-मूठ...
कविता का स्त्रीपक्ष के लिए चौहदवां देवीशंकर अवस्थी स्मृति सम्मान 2009 से सम्मानित युवा आलोचक प्रमीला केपी की लिखी समीक्षा.आत्म और काव्य का थल-जल ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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