मंगलाचार : सौरभ राय
सौरभ रायउम्र 25साल, बैंगलोर में इंजिनियर की नौकरी, बंगाली परिवार से हैं, हिंदी में कवितायेँ लिखते हैं.तीन संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, और वागर्थ, वसुधा, हंस, कृति ऒर, सर्वनाम समेत कुछ...
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सौरभ रायउम्र 25साल, बैंगलोर में इंजिनियर की नौकरी, बंगाली परिवार से हैं, हिंदी में कवितायेँ लिखते हैं.तीन संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, और वागर्थ, वसुधा, हंस, कृति ऒर, सर्वनाम समेत कुछ...
युवा आलोचक और कथाकार संजीव का काशीनाथ सिंह के लेखन पर यह सृजनात्मक पाठ है.विवेचनात्मक व्याख्या का आलोचनात्मक रसाग्रह इस आलेख में पूरी तरह निखर कर सामने आया है.यह आलेख...
(Depiction of Noah and his family after the Great Flood).‘रीझि कर एक कहा प्रसंग’, असल में संपादक का पन्ना है. इसमें संपादकीय न देकर अपनी पसंद की किसी भी रचना-आलोचना–विचार ...
सर्वेश सिंह के आलोचनात्मक आलेखों ने इधर ध्यान खींचा है. प्रतिष्ठा प्राप्त पत्रिकाओं में उनके आलेख प्रकाशित हो रहे हैं. कथाकार – विचारक ‘निर्मल वर्मा की कथा – दृष्ठि’ पर...
सारंग उपाध्याय कवि – कथाकार के साथ एक संवेदनशील फ़िल्म समीक्षक भी हैं. शूजीत सरकार की फ़िल्म म्रदास कैफे की यह समीक्षा इस फ़िल्म के प्रति रूचि पैदा करती है....
संगीत के क्षेत्र की चर्चित हस्ती माइकल जैक्सन का आज 55 वां जन्म दिन पूरे विश्व में मनाया जा रहा है. युवा लेखक नवोदित सक्तावत ने अपने इस आलेख में...
क्या किसी गायक को इस तरह भी सुना जा सकता है? युवा नवोदित सक्तावत ने अब लगभग बिसरा दिए गए तलत महमूद को कुछ इस तरह से सुना है कि...
पत्रकार – लेखक वेद विलास इस त्रासदी के बीच गांव – गाँव की पैदल यात्रा पर थे. उनकी डायरी के कुछ पन्ने जो इस भयावह त्रासदी के मर्म और मन्तव्य...
शायक अपनी रचनाधर्मिता से विस्मित करते रहते हैं. ये किस्सें लोककथा शैली में हैं और इनका देश-काल वैश्विक है, ये हमारे अपने समय में भी गहरे धंस कर लिखे गयें...
American photojournalist Steve McCurryअहर्निशसागर (सिरोही, राजस्थान,June7,1988) की कविताएँ समकालीन और सुगढ़ हैं, किसी युवा कवि की प्रारम्भिक कविताओं में ऐसा कम देखने को मिलता है. उनमें प्रचलित कवि-शैलिओं के रूढ़...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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