सहजि – सहजि गुन रमैं : अनूप सेठी
भवानीप्रसाद मिश्र की एक प्रसिद्ध कविता है \'गीत फरोश\', जिसमें किसिम- किसिम के गीतों के बाजारवाद पर मारक चोट है. वरिष्ठ कवि अनूप सेठी ने \'कविओं की बजाजी\' शीर्षक से...
Home » Uncategorized » Page 57
भवानीप्रसाद मिश्र की एक प्रसिद्ध कविता है \'गीत फरोश\', जिसमें किसिम- किसिम के गीतों के बाजारवाद पर मारक चोट है. वरिष्ठ कवि अनूप सेठी ने \'कविओं की बजाजी\' शीर्षक से...
The Old Guitarist, 1903 by Pablo Picassoशास्त्रीय संगीत पर पर हिंदी में लिखी कम कहानियाँ देखने को मिलती हैं. वन्दना शुक्ल रंगमंच और शास्त्रीय संगीत से भी जुड़ी हुई हैं....
वरिष्ठ कवि अशोक वाजपेयी की कविताओं को लेकर हिंदी आलोचना में उत्साह और आरोप के दोनों खेमें सक्रिय रहे हैं. किसी भी भाषा का कोई भी कवि केवल प्रेम या...
प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल प्रखर आलोचक विचारक है. इधर सृजनात्मक लेखन में उनका उदय सुखद है और साहित्य को समृद्ध करने वाला भी. कविता पहले से ही लिख रहे हैं, कहानियाँ...
रज़ाकविता आत्मा की पुकार है, वह मुक्ति की आवज़ भी है. कविता विरोधी समय में रहते हुए आज सबसे अधिक कविता ही लिखी जा रही है. बाज़ार न होने के...
ब्लॉग आज सशक्त वैकल्पिक मिडिया है. सहज उपलब्धता और तीव्र संप्रेषण के कारण इसने कम समय में ही हिंदी में अपनी जगह बनाई है. इस पर विस्तार से चर्चा युवा...
पुस्तक – मेरी विज्ञान डायरीलेखक- देवेंद्र मेवाड़ीमूल्य- 350 रुपयेप्रकाशक- आधार प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेडएस.सी.एफ. 267, सेक्टर-16पंचकूला-134113देवेंद्र मेवाड़ी : मेरी विज्ञान डायरी डायरी में...
आधी दुनिया का सवाल कभी उठाया ही नहीं गया. अक्सर अनदेखा किया गया, टाला गया और गलत ज़बाब दिये गए. भारत में आज यह सवाल जरूरी सवाल है. अब और...
फोटो संदीप नायक के कैमरे से २०१२ का साहित्य अकादेमी पुरस्कार वरिष्ठ कवि चंद्रकांत देवताले को उनके कविता संग्रह ‘पत्थर फेंक रहा हूँ’ के लिए दिया गया है. समालोचन की ओर...
देस – वीराना में कथाकार, कवयित्री और चित्रकार प्रत्यक्षा की यादों का कोलाज. राँची के सिमदेगा चाईबासा का परिदृश्य किसी स्लोमोशन चित्र श्रृंखला की तरह प्रत्यक्ष होता है. घर, परिवार,...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum