मंगलाचार : भरत तिवारी
भरत तिवारी (२६ अप्रैल १९७३, फैजाबाद), पेशे से आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर हैं. दिल्ली में रहते हैं. लेखन के साथ- साथ संगीत और फोटोग्राफो में भी दखल है. कई पत्र-पत्रिकाओं...
Home » Uncategorized » Page 62
भरत तिवारी (२६ अप्रैल १९७३, फैजाबाद), पेशे से आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर हैं. दिल्ली में रहते हैं. लेखन के साथ- साथ संगीत और फोटोग्राफो में भी दखल है. कई पत्र-पत्रिकाओं...
दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगरा कॉलेज, आगरा में सहायक प्रोफेसर हैं. Role of labor in development of language विषय पर यू. जी. सी के फेलोशिप के अंतर्गत...
विज्ञान के इस खोज़ को \'ईश्वरी कण\' कहा जा रहा है. जो खोज़ ईश्वर की सृष्टि निर्माण की अवधारणा को खारिज़ करता है, आख़िरकार उसे ईश्वरी कहने के पीछे मंशा...
वक्तव्य (गिरीश और संध्या के लिए) वह जो जानता है अच्छी कविता क्या है अच्छा कवि नहीं है और वह जो जानता है बुरी कविता क्या है बुरा कवि नहीं है (एन्तोजिया...
वसंत के हत्यारे (कहानी संग्रह)लेखक : ऋषिकेश सुलभप्रकाशक : राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली मूल्य : १६०वसंत के हत्यारे : विलक्षण कथारससुशीला पुरीअपनी जीवन यात्रा में सत्य-सौन्दर्य-द्रष्टा मनुष्य ने समय-समय पर अनेक कलारूपों की...
मेहदी हसन गज़ल की वो आवाज़ थे जिसमें खुद गज़ल गुनगुना उठती थी. उनकी आवज़ के सहारे गज़ल ने खूब मकबूलियत हासिल की, वह ख़ास-ओ- आम की सदा बन गई. पिछली...
वेद उनियाल राजनीति, पत्रकारिता, खेल, गीत-संगीत, नृत्य और फिल्मों से जुडी चर्चित हस्तिओं पर एक किताब तैयार कर रहे हैं. अब तक आपने समालोचन पर मुकेश और नौशाद पर उनके...
ज्योति चावला५ अक्टूबर १९७९, दिल्ली कविताएं और कहानियां विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित. पीपुल्स पब्लिशिंग हाउस से पुस्तक श्रेष्ठ हिन्दी कहानियां (१९९०-२०००)का सम्पादन. पहला कविता संग्रह प्रकाशन की ओर.अनुवाद अध्ययन एवं प्रशिक्षण...
हिंदी कथाकारों की जो नई पीढ़ी है उसमें प्रत्यक्षा का नाम ख़ास है. प्रत्यक्षा के दो कहानी संग्रह आ गए हैं. इन कहानिओं ने अपनी कथा शैली और विषय वस्तु...
क्या आपने कभी सोचा है कि भाषा की भी अपनी लैंगिक राजनीति होती है. एक ही शब्द पुरुष और स्त्री के लिए अलग मायने रखते हैं. \'महा\' अगर पुरुष के...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum