फ़रवरी की कविता: लोकेश मालती प्रकाश
फ़रवरी की कविता की संरचना समय को रैखिक न मानकर अनुभूतिगत बनाती है. यह नया ऋतु-शृंगार तो है, पर एक ...
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फ़रवरी की कविता की संरचना समय को रैखिक न मानकर अनुभूतिगत बनाती है. यह नया ऋतु-शृंगार तो है, पर एक ...
अदनान कफ़ील दरवेश की कविताओं में इसी दुनिया-जहान के मुड़े-तुड़े, तीखे-नुकीले और रिसते हुए घाव हैं. प्रतिकार का एक सजग, ...
फ़रवरी प्रेम का महीना है, यह बदलाव और सृजन का भी है. इस कविता में विडंबनाओं की जलती हुई सीढ़ियाँ ...
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