शैलजा पाठक की प्रेम कविताएँ
मीर-जी ज़र्द होते जाते हो/क्या कहीं तुमने भी किया है इश्क़?’. “I love you as certain dark things are to ...
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मीर-जी ज़र्द होते जाते हो/क्या कहीं तुमने भी किया है इश्क़?’. “I love you as certain dark things are to ...
माँ इतनी जगह घेरे रहती है कि पिता का होना दिखाई नहीं देता. रौब-दाब की दहाड़ ही सुनाई पड़ती है. ...
असमति के इस दूसरे अंक में विनोद दास, लीलाधर मंडलोई, नवल शुक्ल, सविता सिंह, पवन करण, प्रभात, केशव तिवारी, प्रभात ...
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