लास्लो क्रास्नाहोर्काई का नोबेल व्याख्यान : अनुवाद: राकेश कुमार मिश्र
लास्लो क्रास्नाहोरकाई का 7 दिसंबर 2025 को स्टॉकहोम में दिया गया नोबेल-व्याख्यान आधुनिकता की उस थकान का सघन दस्तावेज़ है, ...
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लास्लो क्रास्नाहोरकाई का 7 दिसंबर 2025 को स्टॉकहोम में दिया गया नोबेल-व्याख्यान आधुनिकता की उस थकान का सघन दस्तावेज़ है, ...
यहूदी कवयित्री और अनुवादक रोज़ आउसलैंडर (1901–1988) की कविताएँ स्मृति और आघात के संगम पर खड़ी हैं; यही तनाव उनके ...
युद्ध चाहे गृह ही क्यों न हो, सब कुछ हमेशा के लिए बदल देता है. उसकी आग वर्षों तक जलती ...
अभिनेता, निर्देशक, सिने-विद्, लेखक और अनुवादक 79 वर्षीय अरुण खोपकर का जानवरों पर लिखा गया यह अंश अद्भुत और अनूठा ...
अपनी न्यूनतमवादी शैली (मिनिमलिस्ट) और सूक्ष्म भावों के लिए विख्यात फ़्रांसीसी कवयित्री आनी देवू बेर्तलो की कविताओं का हिंदी अनुवाद ...
फ़िराक़ गोरखपुरी का मानना था कि ग़ालिब की शायरी में खुदा से उलझते सवाल हैं, जवाब नहीं और यही उन्हें ...
‘एहतलाम’ को हिंदी में ‘स्वप्नदोष’ कहा जाता है. लगभग हर मर्द इस दौर से गुज़रता ही है. लेकिन न जाने ...
आग़ा शाहिद अली (4 फ़रवरी, 1949 – 8 दिसम्बर 2001) के नौ कविता संग्रह तथा आलोचना की एक पुस्तक- ‘T.S. ...
सोहराब सेपेहरी ईरान के अग्रगण्य आधुनिक कवि और चित्रकार हैं. उन्होंने छठे दशक में भारत की यात्रा की थी और ...
मूल रूप से कोरियाई भाषा में 2011 में प्रकाशित उपन्यास ‘ग्रीक लेसन्स’ नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेखिका हान कांग की ...
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