इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य : आचार्य द्विवेदी और अज्ञेय
१९६७ में अज्ञेय ने आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी से यह जानना चाहा था कि इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य कैसा होगा. ...
Home » 2025 बातचीत
१९६७ में अज्ञेय ने आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी से यह जानना चाहा था कि इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य कैसा होगा. ...
लेखक के भीतर, उसके तलघर में, निरंतर जटिल, बहुआयामी, चेतन-अचेतन अंतःक्रियाएँ चलती रहती हैं, जबकि पाठक केवल रचना को देखता ...
हिंदी के साहित्यकार देश के स्वाधीनता-संघर्ष में भागीदार रहे. आज़ादी के बाद सत्ता से उनके निकट संबंध बने. मैथिलीशरण गुप्त, ...
भारतीय अंग्रेज़ी साहित्य की महत्वपूर्ण लेखिका सुकृता पॉल कुमार के तेरह कविता-संग्रह, चौदह संपादित, चार अनूदित और चार आलोचनात्मक पुस्तकें ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum