फिल्म

थप्पड़, सिनेमा और मीना कुमारी : निशांत यादव

‘जब ज़ुल्फ़ की कालक में घुल जाए कोई राहीबदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं होता.’ ‘सहर से शाम हुई शाम को ये रात मिलीहर एक रंग समय का बहुत घनेरा है’प्रसिद्ध अभिनेत्री...

जीन डाइच : कल्पनाशील नटखटपने का अंत : अजय बोकिल

इसी कोरोना काल में ‘टॉम एंड जैरी’ के शिल्पकार जीन डाइच का ९५ वर्ष की अवस्था में १६ अप्रैल को निधन हो गया. ‘टॉम एंड जेरी’ की लोकप्रियता अभूतपूर्व थी,...

इरफ़ान ख़ान : साधारण का सौन्दर्य : रश्मि रावत

अभिनेता इरफ़ान ख़ान (७ जनवरी १९६७-२९ अप्रैल २०२०) अब नहीं रहे, उनकी प्रभावशाली आँखों का अभिनय, उनकी फ़िल्में बची रहेंगी. विदेशी फिल्मों में भी वे नज़र आते थे. कल बी....

सत्यजित राय और पथेर पाँचाली : रंजना मिश्रा

सत्यजित राय (সত্যজিৎ রায়- २ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) का आज स्मृति दिवस है. आज ही के दिन १९९२ में उन्होंने हम सबसे विदा ले लिया था. उनके पीछे उनकी चलचित्रों की...

सांड की आँख : संदीप नाईक

तुषार हीरानंदानी के निर्देशन में बनी फिल्म \'सांड की आँख\' की इधर चर्चा है. इस फिल्म पर संदीप नाईक का यह आकलन आपके लिए.सांड की आँखउजली सुबह तेरे ख़ातिर आएगी  ...

जोकर (Joker) : सत्यदेव त्रिपाठी

टोड्ड फिलिप्स के निर्देशन में बनी अंग्रेजी फिल्म ‘जोकर’ के अभिनेता ‘जौक़िन फोयनिक्स’ (Joaquin Phoenix/ वाकीन फ़ीनिक्स) में आख़िर ऐसा क्या है कि वे आगामी ऑस्कर के प्रबल उम्मीदवार बताये जा...

आर्टिकल 15 : संविधान, सच और सिनेमा : संदीप नाईक

अनुभव सिन्हा के निर्देशन में अभी हाल ही भी प्रदर्शित हिंदी फ़िल्म \'आर्टिकल 15\' सभी तरह के दर्शकों में खूब लोकप्रिय हो रही है. इस फ़िल्म को हिंदी के चर्चित...

मति का धीर : गिरीश कारनाड : रंजना मिश्रा

शब्द की अपनी स्वायत्त सत्ता है और ये दीगर सत्ता केन्द्रों के समक्ष अक्सर प्रतिपक्ष में रहते हैं. शब्दों ने बद्धमूल नैतिकता पर चोट की है उसे खोला है, धर्म...

@ 75: अमिताभ बच्चन: सुशील कृष्ण गोरे

@ 75: अमिताभ बच्चन: सुशील कृष्ण गोरे

हिंदी सिनेमा के सदी के नायक अमिताभ बच्चन (जन्म-११ अक्टूबर, १९४२)आज ७५ साल के हो गए हैं. उनके चाहने वालों की संख्यां में कोई कमी नहीं आई है. उनका तिलिस्म...

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