फ़िल्म

थर्टी मिनिट्स : विवेक मिश्र

थर्टी मिनिट्स : विवेक मिश्र

पेशे से चिकित्सक विवेक मिश्र हिंदी के चर्चित कथाकार हैं. उनकी कहानी ‘थर्टी मिनिट्स’ को आधार बनाकर  येसुदास बीसी ने ‘30 MINUTES’ फ़िल्म का निर्माण किया है जो अब सिनेमाघरों...

विष्णु खरे: कई हजार चौरासियों की माँ

विष्णु खरे: कई हजार चौरासियों की माँ

महाश्वेता देवी के कथा साहित्य ने भारतीय सिनेमा को कुछ बेहतरीन फिल्मे दी हैं जिनमें ‘संघर्ष’, 'हजार चौरासी की मां’, ‘रुदाली’ आदि शामिल हैं, उनकी कहानियों पर आधारित फिल्में अपना...

विष्णु खरे: अब्बास किआरुस्तमी

विष्णु खरे: अब्बास किआरुस्तमी

ईरानी सिनेमा में अब्बास किआरुस्तमी की वही जगह है जो भारतीय सिनेमा में सत्यजित राय की, वह विश्व के महानतम फिल्मकारों में शामिल हैं. उनकी फिल्में विश्व धरोहर हैं. गोवा फ़िल्म...

हम सुल्तान क्यों देखें : संदीप सिंह

हम सुल्तान क्यों देखें : संदीप सिंह

अभिनेता सलमान खान की फिल्म ‘सुल्तान’ के बहाने लेखक–विश्लेषक संदीप सिंह ने उस पब्लिक स्फ़ीयर (लोक-वृत्त) को समझने का प्रयास किया है, जो ‘भाई’ की फिल्मों पर दीवाना हो जाता...

विष्णु खरे : रामन राघव

(*रामन राघव बने नवाजुद्दीन सिद्दीकी)  प्रत्येक दूसरे रविवार के अपने इस चर्चित स्तम्भ में विष्णु खरे फिर हाज़िर हैं. यह आलेख ‘रमन राघव 2.0’ नामक हिंदी फ़िल्म से अधिक रामन राघव...

सैराट – संवाद : (१०) : सिरफिरों का प्रेम-जुनून : सत्यदेव त्रिपाठी

सैराट फ़िल्म का एक दृश्यमराठी फ़िल्म सैराट की विष्णु खरे की विवेचना से आरम्भ इस वाद-विवाद- संवाद में अब तक आपने आर. बी. तायडे (इंग्लिश), कैलाश वानखेड़े, जयंत पवार (मराठी),भारत...

सैराट – संवाद (९) : सिनेमा, सामाजिक चिंताएं और बुद्धिजीवी : संदीप सिंह

सैराट – संवाद (९) : सिनेमा, सामाजिक चिंताएं और बुद्धिजीवी : संदीप सिंह

समालोचन में मराठी फ़िल्म सैराट पर जारी बहस लगातार और धारदार होती जा रही है. संदीप सिंह ने फ़िल्म, उसके प्रभाव और उसकी सामाजिक सार्थकता पर विचार किया है. पूर्व...

विष्णु खरे : उड़ता पंजाब

फ़िल्म ‘उड़ता पंजाब’ सत्ता-सेंसर से आज़ाद होकर लोक-वृत्त में है. नशा, कला, नियंत्रण, अस्मिता, न्याय, प्रचार और व्यवसायकी सीढियों से चढ़ता हुआ यह सफलता के कौन से आसमान पर पहुचेगा?...

विष्णु खरे : क्यों दिखाऊँ मैं प्रधानमंत्री को अपनी फ़िल्म ?

        कैन लोच की फिल्म "आइ,डेनिअल ब्लेक" को इस वर्ष के कान फिल्म महोत्सव का सर्वोच्च पुरस्कार ‘’पाल्म द्’ओर’’दिया गया है. उन्होंने साफ कहा है कि वह नहीं...

विष्णु खरे : एक ‘सफल’ ख़ूनी पलायन से छिटकते प्रश्न

मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ की व्यावसायिक सफलता के कई  अर्थ निकाले जा रहे हैं. नागराज मंजुले के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म की अभिनेत्री रिंकू राजगुरु और अभिनेता आकाश ठोसर  की...

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