आलेख

नागरी प्रचारिणी सभा: उमस के बीच इंद्रधनुष: विनोद तिवारी

नागरी प्रचारिणी सभा: उमस के बीच इंद्रधनुष: विनोद तिवारी

साहित्य की दुनिया में संस्थाओं का बहुत महत्व होता है. हिंदी भाषा और उसके साहित्य में ‘नागरी प्रचारिणी सभा’ की केन्द्रीय भूमिका रही है. इसके निर्माण और देय की गौरव...

रामचन्द्र गाँधी: वह आवाज़ और कुछ पेंसिलें: आशुतोष भारद्वाज

रामचन्द्र गाँधी: वह आवाज़ और कुछ पेंसिलें: आशुतोष भारद्वाज

प्रसिद्ध दार्शनिक और महात्मा गाँधी के पौत्र रामचंद्र गांधी (9 जून, 1937-13 जून, 2007) ने  ऑक्सफ़ोर्ड से पीटर स्ट्रॉसन के निर्देशन में दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी,...

अल्बेयर कामू का उपन्यास और लुईस पुएंजो का सिनेमा ‘द प्लेग’: अमरेन्द्र कुमार शर्मा

    महामारियां व्यवस्था की आपराधिक ख़ामियों को कत्ल-ए-आम मचाकर डरावने ढंग से उजागर करती हैं, यह मनुष्य की लोभ और लूट की अनैतिक सभ्यता का भी पर्दाफाश कर देती हैं....

नरसीजी रो माहेरा और उसका साँवरा सेठ: माधव हाड़ा

नरसीजी रो माहेरा और उसका साँवरा सेठ: माधव हाड़ा

मनुष्य की जो सभ्यता विकसित हुई उसमें किसी नियंता की कल्पना लगभग सार्वभौम है, उसे सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी भी होना ही होता है. भारत में इस ईश्वर को मानवीय बनाने...

भीतर और बाहर का शहर: नरेश गोस्वामी

भीतर और बाहर का शहर: नरेश गोस्वामी

‘छबीला रंगबाज़ का शहर’ और ‘वास्‍कोडिगामा की साइकिल’ के लेखक प्रवीण कुमार की कहानियों में बनते हुए शहर और बिगड़ते हुए गावं की शक्ल-ओ-सूरत पर कथाकार और समाज विज्ञानी नरेश...

मीडिया का मानचित्र: अरविंद दास

मीडिया का मानचित्र: अरविंद दास

पत्रकार अरविंद दास हिंदी में मीडिया के सरोकारों को समझने और उसपर लिखने वाले लेखक हैं. ‘अनुज्ञा बुक्स’ से उनकी इसी विषय पर नयी पुस्तक आ रही है- ‘मीडिया का...

पाकिस्तान-यात्रा: पंकज पराशर

 लेखक-आलोचक पंकज पराशर द्वारा लिखे गये कला क्षेत्र की मकबूल शख्सियतों पर केंद्रित आलेख समालोचन पर आप पढ़ रहें हैं,इन्हें बहुत पसंद किया गया है. इस बीच वे अपनी यात्रा...

भाष्य : मुक्तिबोध (लकड़ी का रावण): सदाशिव श्रोत्रिय

गजानन माधव मुक्तिबोध (१३ नवम्बर,१९१७ – ११ सितम्बर,१९६४) की लम्बी कविताओं में ‘ अँधेरे में’, ‘ब्रह्मराक्षस’ आदि की चर्चा होती है, पर ‘लकड़ी का रावण’ कविता पर ध्यान कम गया...

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