इस धुंध में हितैषी कोई नहीं : कुमार अम्बुज
2025 में जब लास्लो क्रास्नाहोर्काई को नोबेल पुरस्कार मिला, तब उनके उपन्यास Satantango पर आधारित बेला तार की लगभग सात ...
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2025 में जब लास्लो क्रास्नाहोर्काई को नोबेल पुरस्कार मिला, तब उनके उपन्यास Satantango पर आधारित बेला तार की लगभग सात ...
अपमान कोई आकस्मिक या अपने में स्वतंत्र घटना नहीं है. वह विभिन्न रूपों में, विभिन्न स्थलों पर घटित होता रहता ...
संख्याओं की ऊब से शब्द पैदा हुए होंगे, और आज फिर सब कुछ संख्याओं में बदल रहा है. हमारी असफलता ...
1934 में अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’ प्रकाशित हुई, जिसका शीर्षक बाद में स्वयं लेखक ने बदलकर ‘रोज़’ कर दिया. उस ...
20वीं सदी के महान साहित्यकारों में से एक फरनांदो पेसोआ (13 जून, 1888 – 10 नवम्बर, 1935) ने अपने जीवन ...
20वीं शताब्दी के महानतम लेखकों में से एक मार्सेल प्रूस्त अपने अंतिम वर्षों की रुग्णता के एकांत में केवल काग़ज़ ...
‘2024 : इस साल किताबें’ का यह तीसरा हिस्सा है. इसके पहले हिस्से में आपने महत्वपूर्ण रचनाकारों मृदुला गर्ग, हरीश ...
लेखन ही नहीं लेखक का सामाजिक व्यक्तित्व भी वाद-विवाद के विषय रहे हैं. हिंदी साहित्य का मुख्य स्वर अभी भी ...
कुमार अम्बुज की कविताओं पर विचार करते हुए विष्णु खरे ने एक जगह लिखा है कि ‘उनके पास डीएसएलआर कैमरे ...
लेखन के कारण और उसकी प्रक्रिया को लेकर लेखकों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं. काव्य-शास्त्र से लेकर आधुनिक आलोचना ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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