पेंटिंग

उस्ताद के क़िस्से मेरे हिस्से (दो) : विवेक टेंबे

मूर्धन्य चित्रकार जगदीश स्वामीनाथन के शिष्य विवेक टेंबे इधर  अपने गुरु के संस्मरण लिख रहें हैं. इन संस्मरणों में स्वामीनाथन का व्यक्तित्व जहाँ उभरकर  सामने आ रहा है, वहीं चित्रकला...

रज़ा स्मृति: वटवृक्ष और रंगों का बिखराव: उदयन वाजपेयी

सैयद हैदर रज़ा (२२ फरवरी १९२२ – २३  जुलाई २०१६) की आज  पुण्यतिथि है. एक महान चित्रकार और साहित्य का अनुरागी, हिंदी कविता से उनका रिश्ता प्रगाढ़ था. अब जब...

उस्ताद के क़िस्से मेरे हिस्से (एक) : विवेक टेंबे

चित्रकार, कलाकार, विचारक और कवि जगदीश स्वामीनाथन (जून २१, १९२८ – १९९४) के शिष्य विवेक टेंबे ने अपने उस्ताद के संग-साथ को इधर लिखना शुरू किया है. यह संस्मरण अप्रतिम...

कोरोना काल में चित्रकार

(कोलाज: सुमन सिंह)आइडिया ऑफ़ समालोचन यह था/है कि यह निरी साहित्य की ही पत्रिका न रहे दूसरे सामाजिक अनुशासनों से भी संवादरत रहे और कला के दीगर माध्यमों से भी...

ख़ा मो श रामकुमार : अखिलेश

(Photo Credit S. Subramanium)“मेरे अन्दर एक तरह का नैरन्तर्य (रहता) है”(मरहूम चित्रकार ‘रामकुमार के साथ पीयूष दईया का संवाद’ से)    भारत के श्रेष्ठम अमूर्त चित्रकार (23 सितम्बर, 1924 – 14...

अखिलेश से पीयूष दईया का संवाद

अखिलेश से पीयूष दईया का संवाद

28 अगस्त को मशहूर चित्रकार अखिलेश अपने जीवन के साठ वर्ष पूरे करने जा रहे हैं. कोलकोता में १ दिसम्बर को अखिलेश जी की षष्ठिपूर्ति के सिलसिले में एक बड़ी...

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