कनाडा की रहने वाली कथा लेखिका एलिस मुनरो (जन्म:१९३१) को २०१३ के साहित्य का नोबल पुरस्कार दिया गया है. उन्हें...
ब्रितानी – पाकिस्तानी लेखिका कैसर शहरोज़ के उपन्यास typhoon का हिंदी अनुवाद, शीबा राकेश ‘बवंडर’ शीर्षक से कर रही हैं....
सृजनशीलता रहस्यमय वस्तु समझी जाती है, खासकर कलाओं में - कविता के ‘उतरने; की बात कही जाती है किसी खास...
शिरीष कुमार मौर्य की इन चारों कविताओं में एक युवा की नैतिक और सामाजिक जबाबदेही मुखर हुई है. ‘पूंजी के...
समालोचन में गिरिराज किराडू के कॉलम ‘आवाज़ की जगह’ की दूसरी किश्त कवि–कथाकार गौरव सोलंकी के लेखन पर है. आई.आई.टी.रूडकी...
कविता में बारिश प्रेमचंद गांधी ऋतुएं हमारी काव्य-परम्परा के विषय और आलम्बन दोनों रहे हैं....
निज़ार क़ब्बानी की दो प्रसिद्ध कविताओं का अपर्णा मनोज द्वारा किया गया अनुवाद प्रस्तुत है.
प्रांजल धर की कविता \'कुछ भी कहना खतरे से ख़ाली नहीं\' को इस वर्ष के प्रतिष्ठाप्राप्त भारत भूषण अग्रवाल सम्मान...
हिंदी कथा जगत में भारत और पाकिस्तान के बटवारे को केंद्र में रखकर बमुश्किल कुछ कहानियाँ हैं. बड़ी मानवीय त्रासदियाँ...
हेमंत देवलेकर को भारत भवन में कविता पाठ करते सुना और विस्मित हुआ. रंगमंच से जुड़े होने के कारण उनकी...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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