अक्का महादेवी और उनकी कविताएँ: गगन गिल
गगन गिल की कविताएँ हों या गद्य वह ख़ुद में उतर कर लिखती हैं, संवेदनशीलता, मार्मिकता और संक्षिप्तता उनके गद्य की भी विशेषताएं हैं. अक्का महादेवी पर उनका लिखा पढ़ते...
गगन गिल की कविताएँ हों या गद्य वह ख़ुद में उतर कर लिखती हैं, संवेदनशीलता, मार्मिकता और संक्षिप्तता उनके गद्य की भी विशेषताएं हैं. अक्का महादेवी पर उनका लिखा पढ़ते...
किसी युवा कवि से जिस रचाव और ताज़गी की आप उम्मीद करते हैं वह सब सुमित त्रिपाठी के पास है, इसके साथ ही कविता की जो मूल विशेषता है- शब्दों...
श्रीविलास सिंह की कुछ नयी कविताएँ प्रस्तुत हैं. सघन बिम्बों से भरी ये कविताएँ कवि के अंदर की हलचलों और बाहर की विवशताओं के बीच अपना आकार लेती हैं. इनमें...
भक्तिकाल के कवियों की आभा और लोकप्रियता आज भी कहीं से कम नहीं हुई है, कबीर हों तुलसी हों या रैदास आदि, इन्हें तरह-तरह से समझा और समझाया जा रहा...
शैलेय के चार कविता संग्रह प्रकाशित हैं, उनका नया संग्रह ‘बीच दिसम्बर’ २०२० में सेतु प्रकाशन से प्रकाशित हुआ था. प्रकृति की चिंता और संवेदनाओं का सूखते जाना उनके विषय...
यह भी दिलचस्प है कि सॉनेट जैसे विजातीय छंद में हिंदी के जातीय एवं सांस्कृतिक मानस के कवि त्रिलोचन ने प्राकृतिक और भाषिक सौन्दर्य की कविताएँ लिखीं और उसे हिंदी...
ख़ुद के अनुभवों से अंकुरित कविताओं में स्वाभाविक सच्चाई रहती है. कौशलेन्द्र की कविताओं को पढ़ते हुए ऐसा एहसास मज़बूत होता है. वे लय को भी साथ लेकर चलते हैं....
अंकिता शाम्भवी 'निर्गुण संतों और बाउलों के साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन' विषय पर शोध कार्य कर रहीं हैं, चित्रकला और संगीत में भी अभिरुचि है. उनकी कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं.
किसी भी साहित्यिक पत्रिका के लिए यह संतोष का विषय हो सकता है कि एकदम नयी पीढ़ी हिंदी साहित्य में रुचि ले रही है, कविताएं लिख रही है और बेहतर...
‘कविता से अनुराग प्रथमतः और अंततः जिजीविषा का ही प्रकार है.’ ऐसा मानने वाले अशोक वाजपेयी की ये कविताएँ उनकी इधर की लिखी कविताएँ हैं, अस्सी पार की कविताएँ हैं....
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