वैशालीनामा: लोकतंत्र की जन्मकथा: अंचित
प्रभात प्रणीत के उपन्यास ‘वैशालीनामा: लोकतंत्र की जन्मकथा’ को इसी वर्ष राजकमल प्रकाशन ने प्रकाशित किया है. समीक्षा कर रहें हैं अंचित.
प्रभात प्रणीत के उपन्यास ‘वैशालीनामा: लोकतंत्र की जन्मकथा’ को इसी वर्ष राजकमल प्रकाशन ने प्रकाशित किया है. समीक्षा कर रहें हैं अंचित.
2023 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित यून फुस्से के उपन्यास ‘Aliss at the Fire’ का हिंदी अनुवाद ‘आग के पास आलिस है यह’ शीर्षक से वाणी से प्रकाशित...
अनुराधा सिंह के कविता संग्रह ‘उत्सव का पुष्प नहीं हूं’ पर वरिष्ठ कवि-लेखक विजय कुमार की यह समीक्षा देखें.
श्यामसुन्दर दास द्वारा संपादित और नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा 1928 में प्रकाशित ‘कबीर ग्रन्थावली’ का परिमार्जित पाठ विख्यात आलोचक-लेखक पुरुषोत्तम अग्रवाल ने तैयार किया है और इसकी एक सुगठित और...
‘चाय पर शत्रु-सैनिक’ कविता के लिए विहाग वैभव को 2018 का भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार मिल चुका है. चयनकर्ता थे वरिष्ठ कवि अरुण कमल. इसी सितम्बर (2023) में पटना में वरिष्ठ...
कथाकार व यात्रा-लेखक अनिल यादव द्वारा हिंदी में अनूदित ‘इंडियंस’ नमित अरोरा का चर्चित यात्रा-वृत्तांत है जिसे ‘एक सभ्यता की यात्रा’ कहा गया है और जो पेंग्विन स्वदेश से छपा...
क्या कहती है यह पुस्तक. आइये जानते हैं.
क्या कहती है यह पुस्तक. आइये जानते हैं.
जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के लिए जितना कर सकते थे अधिकतम किया. कविता, कहानी, उपन्यास, और नाटक के क्षेत्रों में उनका काम कालजयी है. ऐसे केन्द्रीय व्यक्तित्व पर हिंदी में...
प्रसिद्ध कवि और लेखिका अनामिका का नया उपन्यास वाणी से प्रकाशित हुआ है, ‘तृन धरि ओट’ जो रामायण की सीता पर आधारित है. यह सीता का समकालीन पाठ करता है....
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