कथा

रैगिंग : गोविन्द निषाद

रैगिंग : गोविन्द निषाद

वरिष्ठ आलोचक रोहिणी अग्रवाल ने आयशा आरफ़ीन की कहानी ‘स्वाहा’ के संदर्भ में यह सवाल उठाया है कि ‘कहानीपन का निर्धारण करते समय कौतूहल को केंद्रीय स्थान दिया जाए या...

स्वाहा ! : आयशा आरफ़ीन

स्वाहा ! : आयशा आरफ़ीन

आयशा आरफ़ीन का कहानी-संग्रह ‘मिर्र’ इसी वर्ष राजकमल से प्रकाशित हुआ है. उनकी कहानियों में रहस्य का एक आवरण रहता है; घटनाएँ तेज़ी से घटती हैं और पाठक की दिलचस्पी...

रोज़ : अज्ञेय

रोज़ : अज्ञेय

1934 में अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’ प्रकाशित हुई, जिसका शीर्षक बाद में स्वयं लेखक ने बदलकर ‘रोज़’ कर दिया. उस समय अज्ञेय मात्र 23 वर्ष के थे. हिंदी कथा-साहित्य में...

महफ़ूज़:संदीप सिंह

महफ़ूज़:संदीप सिंह

दर्शनशास्त्र के अध्येता संदीप सिंह जेएनयू छात्र संघ के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं. यह उनकी वैचारिक सक्रियता और निरंतर संवादधर्मिता का प्रमाण भी है. संस्कृति, धर्म-दर्शन, इतिहास, साहित्य...

ख़लील : तनुज सोलंकी

ख़लील : तनुज सोलंकी

विश्वयुद्धों से कुछ सीखा नहीं गया. शताब्दी बीतते न बीतते, हम वहीं लौट आए हैं जहाँ से चले थे. युद्ध, धार्मिक अतिवाद, अनुदार और अलोकतांत्रिक व्यवस्था, लूट और झूठ की...

इंगलिस्तान : गोविन्द निषाद

इंगलिस्तान : गोविन्द निषाद

इंगलिस्तान और हिंदुस्तान का युद्ध अभी चल ही रहा है. इसे अलग-अलग अलग मोर्चों पर युवा लड़ रहे हैं. एक अहम मोर्चा अकादमिया है. कहानी एक युवा के इलाहाबाद विश्वविद्यालय...

राहुल श्रीवास्तव : ऑर्गज़म

राहुल श्रीवास्तव : ऑर्गज़म

राहुल श्रीवास्तव फ़ीचर और विज्ञापन फ़िल्मों से जुड़े हैं. ‘साहेब, बीबी और गैंगस्टर’ के संपादन के लिए सम्मानित हो चुके हैं. 2024 में प्रकाशित ‘पुई’ उनका पहला कहानी संग्रह है....

मायावी : प्रियंवद

मायावी : प्रियंवद

कुछ कथाकार एक समय के बाद खुद कथानक बन जाते हैं. 72 वर्षीय प्रियंवद ऐसे ही लेखक हैं. उनके परिचित उनके विषय में एक अपरिचित कथा हर बार सुनाते जरूर...

रील वाली लड़की : रश्मि शर्मा

रील वाली लड़की : रश्मि शर्मा

रील आज महामारी की तरह है. जो संक्रमित हैं उनमें से अधिकतर इसके वाहक बन जाते हैं और यह बढ़ता जाता है. ये अधिकतर भ्रष्ट, अविवेकी और कुरुचिपूर्ण सामग्रियों से...

पुत्री का प्रेमी : ओमा शर्मा

पुत्री का प्रेमी : ओमा शर्मा

पुत्री का प्रेमी जैसे विषयों पर कहानी लिखने की अपनी चुनौतियाँ हैं. वरिष्ठ कथाकार ओमा शर्मा इसे स्वीकार करते हुए नगरीय युवाओं के बीच घटित हो रहे लगाव-अलगाव की इस...

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