तेग़ अली का बनारस : शुभनीत कौशिक
क्या आप तेग़ अली को जानते हैं? वे भोजपुरी भाषा के पहले साहिब-ए-दीवान हैं. उनका ग़ज़लों का संग्रह ‘बदमाशदर्पण’ उन्नीसवीं ...
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क्या आप तेग़ अली को जानते हैं? वे भोजपुरी भाषा के पहले साहिब-ए-दीवान हैं. उनका ग़ज़लों का संग्रह ‘बदमाशदर्पण’ उन्नीसवीं ...
जहाँ शिक्षा और आलोचनात्मक सोच को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिलता, वहाँ पर्यावरणीय ही नहीं, बौद्धिक प्रदूषण भी समान गति से ...
बीसवीं सदी के आरंभ में जब भारतीय समाज में नवजागरण की हलचलें तेज़ हो रही थीं, तब पंडित ठाकुरदत्त शर्मा ...
आज भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि है. वे लगभग 16 साल, 9 महीने और 12 दिन तक ...
जो स्थिति आज अंग्रेजी भाषा की है, मध्यकाल में लगभग वही स्थान फ़ारसी भाषा का था. 1837 में ईस्ट इण्डिया ...
साहित्यकार वैसे ही अपने अंदर चल रहे अंतहीन मुक़दमों के वादी-प्रतिवादी की भूमिका में रहते हैं. पर कभी-कभी उन्हें बाहर ...
साल समाप्ति पर है. लेखकों की दुनिया किताबों की दुनिया है. पाठक अपने प्रिय लेखकों को पढ़ते हैं और लेखक ...
पटना का इतिहास सैयद हसन असकरी का प्रिय विषय था. वह मध्यकालीन भारत ख़ासकर बिहार के विशेषज्ञ इतिहासकार थे. आज ...
आज चौदह नवम्बर है. स्वतंत्र भारत के स्वप्नदर्शी प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन. इसे बाल दिवस के रूप में ...
आधुनिकता ने अपने प्रसार के लिए गद्य को चुना. ज्ञान-विज्ञान, चेतना का यही सारथी बना. खड़ी बोली हिंदी के रथ ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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