युद्ध के विरुद्ध : सविता सिंह की कविताएँ
वरिष्ठ कवयित्री सविता सिंह की नई कविताएँ युद्ध की पृष्ठभूमि में सत्ता, परिवार और प्रकृति के जुड़े जटिल तथा परस्पर ...
वरिष्ठ कवयित्री सविता सिंह की नई कविताएँ युद्ध की पृष्ठभूमि में सत्ता, परिवार और प्रकृति के जुड़े जटिल तथा परस्पर ...
सविता सिंह की इन नयी कविताओं में शहर है जो छूट गया था, दोस्त हैं जिनकी छवियाँ बदल गई हैं. ...
‘2024 : इस साल किताबें’ का यह तीसरा हिस्सा है. इसके पहले हिस्से में आपने महत्वपूर्ण रचनाकारों मृदुला गर्ग, हरीश ...
श्रीकला शिवशंकरन मलयाली और अंग्रेजी में लिखने वाली प्रमुख भारतीय लेखकों में शामिल हैं. उनकी कुछ कविताओं का मलयालम भाषा ...
साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित एलिस मुनरो का लेखन इधर विवाद में आ गया है. उनकी बेटी ने ...
असमति के इस दूसरे अंक में विनोद दास, लीलाधर मंडलोई, नवल शुक्ल, सविता सिंह, पवन करण, प्रभात, केशव तिवारी, प्रभात ...
सविता सिंह की प्रस्तुत कविताएँ उनकी काव्य-यात्रा के अगले पड़ाव को सूचित करती हैं. इन कविताओं की स्त्री स्वतंत्र इकाई ...
आज बसंत पंचमी है. धूप खिली है, जैसे बसंत का संदेश लेकर आयी हो. आज महत्वपूर्ण कवयित्री सविता सिंह का ...
‘At the end of my sufferingthere was a door.’Louise Glück समकालीन कवियों पर आधारित स्तम्भ ‘मैं और मेरी कविताएँ’ के ...
आज प्रस्तुत है शमशेर बहादुर सिंह की हिंदी की ‘बड़ी’ प्रेम कविता ‘टूटी हुई, बिखरी हुई’ का स्त्रीवादी पाठ. सविता ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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