इमरे बंघा और दानूता स्तासिक से हिंदी समाज सुपरिचित है. उनके संपादन में ओयूपी ऑक्सफोर्ड से 2024 में प्रकाशित ‘लिटररी...
चरवाहों ने सभ्यता को बहुत कुछ दिया है. पशुओं के साथ चारे की तलाश में वे भटकते थे और सपने...
आलोचना ही ऐसा क्षेत्र है जिसमें हिंदी साहित्य के शिक्षकों ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं. आचार्य रामचंद्र शुक्ल, आचार्य हजारी...
वरिष्ठ कथाकार ओमा शर्मा की समालोचन में प्रकाशित कहानी ‘पुत्री का प्रेमी’ ने साहित्य जगत के मानस को मथ दिया...
पुत्री का प्रेमी जैसे विषयों पर कहानी लिखने की अपनी चुनौतियाँ हैं. वरिष्ठ कथाकार ओमा शर्मा इसे स्वीकार करते हुए...
समकालीन भारतीय कविता के महत्वपूर्ण कवि अरुण कमल के सात कविता संग्रह, दो आलोचना पुस्तकें, साक्षात्कारों की एक किताब और...
मागधी मध्य-पूर्व में बोली जाने वाली एक प्रमुख भाषा है. इस भाषा में जयनाथ पति (1880-1939) ने 1928 में एक...
इतिहास के सबक हम भूल जाते हैं, सत्ता जिसका चरित्र बदलता नहीं और भविष्य जिसे ये दोनों अक्सर बंधक बना...
संस्कृत भाषा की समकालीन कविताओं से हम लगभग अपरिचित हैं. समालोचन ने वर्षों पहले बलराम शुक्ल की संस्कृत कविताएँ और...
पवन करण के कविता संग्रह ‘स्त्री मुग़ल’ की कविताओं में इतिहास, आख्यान और संवेदना का सहमेल है. जिन्हें इतिहास भुला...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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