समीक्षा

परख : हलंत (हृषीकेश सुलभ): राकेश बिहारी

वरिष्ठ कथाकार और रंगकर्मी हृषीकेश सुलभ ने आज अपने सक्रिय जीवन के साठ वर्ष पूरे किये हैं. इसी वर्ष उनका नया कहानी संग्रह भी प्रकशित हुआ है. इस संग्रह की...

परख : हाता रहीम (वीरेंद्र सारंग) : राकेश बिहारी

जनगणना में आमजन     राकेश बिहारी <!--> पुस्तक       : हाता रहीम (उपन्यास)लेखक       : वीरेंद्र सारंग प्रकाशक      :  राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ संख्या   :...

परख : हुल पहाड़िया (उपन्यास) – राकेश कुमार सिंह : राकेश बिहारी

नेपथ्य का नायक – तिलका मांझी       राकेश बिहारी बाहरीशक्तियों द्वारा किसी समाज या समुदाय विशेष की पहचान और अस्मिता के अतिक्रमण तथा उसके विरोध की कड़ियों के दस्तावेजीकरण से...

परख : आदिम बस्तिओं के बीच

आदिम बस्तिओं के बीच (कविता संग्रह)नन्द भारद्वाजप्रकाशक :विजया बुक्सनवीन शाहदरा, दिल्ली - ११००३२प्रथम संस्करण - २०११मूल्य - १७५ रूपयेसमीक्षा : अपर्णा मनोज ______________स्मृतियाँ ::पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती हलके में रेतीले धोरों...

केदारनाथ अग्रवाल : नरेंद्र पुण्डरीक

जन्म शताब्दी वर्ष :केदारनाथ अग्रवाल पर नरेन्द्र पुंडरीक और कालुलाल कुलमी की बातचीत आप केदारजी के साथ लम्बे समय तक बाँदा में रहे. पहली बार केदारजी ने आप पर कैसी...

केदारनाथ अग्रवाल – चुनी हुई कविताएँ : कालुलाल कुलमी

  केदारनाथ अग्रवाल - चुनी हुई कविताएंचयन एवं संपादन - नरेन्द्र पुण्डरीकअनामिका प्रकाशन इलाहाबाद (2011)मूल्य-375मैंने अपने टूटेपन को  कविता की ममता से जोड़ा : केदारनाथ अग्रवालयह केदार जी का शताब्दी वर्ष...

कई चाँद थे सरे आसमां: गोपाल प्रधान

कई चाँद थे सरे आस्माँ (उपन्यास)लेखक : शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ीउर्दू से अनुवाद : नरेश ‘नदीम’प्रकाशक : पेंगुइन बुक्स,इंडिया/यात्रा बुक्ससंस्करण : २०१०. मूल्य : ४७५.पृष्ठ संख्या :७४८शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी :: (१९३५. आजमगढ़)उर्दू के शीर्षस्थ आलोचकसाहित्य...

शिगाफ़ : सुमन केशरी

शिग़ाफ़ : दरारों पर पुल बनाने की कोशिशसुमन केशरी राजकमल से २०१० में प्रकाशित मनीषा कुलश्रेष्ठ के  उपन्यास शिगाफ पर जिज्ञासा द्वारा आयोजित परिचर्चा में सुमन केशरी का आलेख. कृति...

Page 11 of 12 1 10 11 12

फ़ेसबुक पर जुड़ें

पठनीय पुस्तक/ पत्रिका

इस सप्ताह