कथा

कीहोल सर्जरी: अशअर नज्मी : अनुवाद: रिज़वानुद्दीन फ़ारूक़ी

कीहोल सर्जरी: अशअर नज्मी : अनुवाद: रिज़वानुद्दीन फ़ारूक़ी

प्रेम पर निगरानी की वर्तमान विडम्बनाओं और विद्रूपताओं को अशअर नज्मी की कहानी ‘कीहोल सर्जरी’ बड़ी ही पुख्तगी से सामने रखती है. ताला और चाभी मानो स्वयं एक किरदार बन...

आदम की जात : योगिता यादव

आदम की जात : योगिता यादव

‘राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान’ से सम्मानित योगिता यादव की यह नयी कहानी ‘आदम की जात’ आदम के साथ-साथ व्यवस्था की विरूपताओं को भी बे-पर्दा करती है. प्रस्तुत है.

टोडरमल मार्ग : त्रिभुवन

टोडरमल मार्ग : त्रिभुवन

वरिष्ठ पत्रकार-लेखक त्रिभुवन की यह नई कहानी टोडरमल मार्ग से होती हुई इतिहास में प्रवेश कर जाती है. टोडरमल कौन हैं? समकालीन विडम्बनाओं से गुजरते हुए यह कथा अस्मिता और...

मुर्दों का धरना : अशअर नज्मी

मुर्दों का धरना : अशअर नज्मी

कोई कहानी अपने समय का आईना कब बन जाती है, यह उसके शिल्प और दृष्टि, दोनों से तय होता है. अशअर नज्मी की कहानी ‘मुर्दों का धरना’ इस अर्थ में...

अपमान : कुमार अम्बुज

अपमान : कुमार अम्बुज

अपमान कोई आकस्मिक या अपने में स्वतंत्र घटना नहीं है. वह विभिन्न रूपों में, विभिन्न स्थलों पर घटित होता रहता है और प्रायः उन्हीं स्वरों पर गिरता है जिन्हें सत्ता...

कहानी : तेज़काटलिपोका का अंतिम युद्ध : निधि अग्रवाल

कहानी : तेज़काटलिपोका का अंतिम युद्ध : निधि अग्रवाल

अंधकार, नियति, छल और परिवर्तन के एज़्टेक देवता तेज़काटलिपोका (Tezcatlipoca) का अंतिम युद्ध सृष्टि-चक्र के आखिरी टकराव का प्रतीक माना जाता है. यह युद्ध प्रकाश और अंधकार के द्वंद्व से...

कहानी : बख़्शिश : एजाजुल हक

कहानी : बख़्शिश : एजाजुल हक

एजाजुल हक की कहानी ‘बख़्शिश’ उस यथार्थ की परतें उघाड़ती है, जो हमारे सामने होते हुए भी प्रायः अदृश्य बना रहता है और जिस पर अपेक्षाकृत लिखा भी कम ही...

विकल्प : अखिलेश सिंह

विकल्प : अखिलेश सिंह

अखिलेश सिंह के गद्य से आप सुपरिचित हैं. उनकी यह कहानी देखिए जहाँ आदमी अपनी भूख से ज़्यादा अपने भीतर की आवाज़ों से लड़ता है. एक मामूली-सी चोरी मनुष्यता की...

प्रभा नर्सिंग होम : जयशंकर

प्रभा नर्सिंग होम : जयशंकर

वरिष्ठ कथाकार जयशंकर कथा-साहित्य के साथ-साथ कथेतर गद्य में भी अपने आत्मान्वेषी और संवेदनशील लेखन के लिए जाने जाते हैं, जहाँ स्मृति, अवसान और समय का बोध एक-दूसरे में घुलमिल...

प्रियंवद की नई कहानी : अबू आंद्रे की खुजली

प्रियंवद की नई कहानी : अबू आंद्रे की खुजली

दीपपर्व की शुभकामनाओं के साथ वरिष्ठ कथाकार प्रियंवद की नई कहानी, ‘अबू आंद्रे की खुजली’ ख़ास आपके लिए प्रस्तुत है. नगरीय जीवन की तलछट के नीम-उजाले, उघड़े-गोपन और मद्धिम-हलचल के...

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