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बीसवीं सदी के आरंभ में जब भारतीय समाज में नवजागरण की हलचलें तेज़ हो रही थीं, तब पंडित ठाकुरदत्त शर्मा...
Read moreगोविन्द निषाद जी.बी. पन्त सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद में शोधार्थी हैं. यह आलेख जाति की बनावट और उसके बुनावट में...
Read moreआज भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि है. वे लगभग 16 साल, 9 महीने और 12 दिन तक...
Read moreलगभग पचास ईसवी पूर्व के महान कवि अश्वघोष की कृति ‘बुद्धचरित’ के महत्व से आज विश्व सुपरिचित है. दुर्भाग्य से...
Read moreसंकीर्ण विचारों से देश तो क्या परिवार नहीं चल सकते. गणतंत्र उदात्त विचारों की नींव पर खड़े होते हैं. करुणा...
Read moreपटना का इतिहास सैयद हसन असकरी का प्रिय विषय था. वह मध्यकालीन भारत ख़ासकर बिहार के विशेषज्ञ इतिहासकार थे. आज...
Read moreआज चौदह नवम्बर है. स्वतंत्र भारत के स्वप्नदर्शी प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन. इसे बाल दिवस के रूप में...
Read moreसाहित्य की दैनंदिनी में दीगर मसले भी शामिल हैं. केवल साहित्य से तो साहित्य भी संभव नहीं. आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी...
Read moreखेलों से जुड़ी लोकप्रियता का उपयोग सत्ताएँ करती रही हैं. तानाशाहों ने खेल को अपने होने के औचित्य के रूप...
Read moreइतिहास में कुछ जगहें ऐसी होती हैं जहाँ वर्तमान बार-बार जाता है. नालंदा ऐसी ही जगहों में से है. क्या...
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समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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