समाज

क्या है झोला पुस्तकालय आंदोलन? अजय कुमार

क्या है झोला पुस्तकालय आंदोलन? अजय कुमार

भारतीय स्वाधीनता आंदोलन केवल राजनीतिक मुक्ति का अभियान नहीं था; वह भारतीय समाज की आत्मा को पुनर्गठित करने का भी एक विराट प्रयत्न था. औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष के...

भारत का विचार : आलोक टंडन

भारत का विचार : आलोक टंडन

वर्तमान संकटों और चुनौतियों के बीच विचार की भूमिका केवल व्याख्याकार की नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व वहन करने वाली नैतिक चेतना की भी है. समय को समझने की अंतर्दृष्टि और उसे...

सत्यनारायण व्रतकथा : एक आलोचनात्मक पाठ : चंद्रभूषण

सत्यनारायण व्रतकथा : एक आलोचनात्मक पाठ : चंद्रभूषण

भारतीय लोक-वृत्त में प्रसारित कथाओं, पर्वों और अनुष्ठानों पर आलोचनात्मक चिंतन का सूत्रपात औपनिवेशिक भारत में हुआ, देशी और विदेशी लेखकों ने इनको न केवल सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में पढ़ा, बल्कि...

जाति, गणना और इतिहास : गोविन्द निषाद

जाति, गणना और इतिहास : गोविन्द निषाद

गोविन्द निषाद जी.बी. पन्त सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद में शोधार्थी हैं. यह आलेख जाति की बनावट और उसके बुनावट में होते रहे बदलावों की पड़ताल करते हुए विगत में हुए...

जवाहरलाल नेहरू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया : शुभनीत कौशिक

जवाहरलाल नेहरू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया : शुभनीत कौशिक

आज चौदह नवम्बर है. स्वतंत्र भारत के स्वप्नदर्शी प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन. इसे बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. शायद ही किसी अख़बार या किसी चैनल...

फुटबॉल और तानाशाह: ज्ञान चन्द बागड़ी

फुटबॉल और तानाशाह: ज्ञान चन्द बागड़ी

खेलों से जुड़ी लोकप्रियता का उपयोग सत्ताएँ करती रही हैं. तानाशाहों ने खेल को अपने होने के औचित्य के रूप में कई बार प्रस्तुत किया है, फुटबॉल इसका खास शिकार...

आसमाँ और भी हैं: नरेश गोस्वामी

आसमाँ और भी हैं: नरेश गोस्वामी

औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति के सवाल से भारत अपनी आज़ादी के संघर्ष से ही जूझता रहा है. इसका एक सिरा आत्म की खोज की तरफ जाता है तो दूसरा सिरा...

बौद्ध संस्कृति और वर्णाश्रम धर्म: चंद्रभूषण

बौद्ध संस्कृति और वर्णाश्रम धर्म: चंद्रभूषण

औपनिवेशिक भारत में स्तूपों की खुदाई, शिलालेखों और पांडुलिपियों के अध्ययन ने बुद्ध और उनके धर्म को भारत में पुनर्जीवित किया. बुद्ध के प्रति ज्ञान की स्थिति यह थी कि...

राधावल्लभ त्रिपाठी से के. मंजरी श्रीवास्तव की बातचीत

राधावल्लभ त्रिपाठी से के. मंजरी श्रीवास्तव की बातचीत

भारत जैसे देश में विडम्बनाओं का अंत नहीं, जिस संस्कृति ने प्रेम और दाम्पत्य का अद्भुत ग्रन्थ ‘कामसूत्र’ दिया हो, जिसके मन्दिरों में प्रेमरत युगल अंकित हों जिसके देवता प्रेम...

समाज अध्ययन के पुनर्गठन का घोषणा-पत्र:  नरेश गोस्वामी

समाज अध्ययन के पुनर्गठन का घोषणा-पत्र: नरेश गोस्वामी

भारतीय ज्ञान परम्परा से संवाद का प्रतिफल है प्रसिद्ध राजनीतिक शास्त्री मणीन्द्र नाथ ठाकुर की पुस्तक ‘ज्ञान की राजनीति: समाज अध्ययन और भारतीय चिंतन’. मणीन्द्र नाथ ठाकुर के लेखन की...

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