मध्यकाल पर तीन उपन्यास : चंद्रभूषण
साहित्य और इतिहास का संबंध अनुकरण या प्रतिबिंब का नहीं है. यह एक जटिल अंतःसंवाद है, जिसमें इतिहास साहित्य के ...
साहित्य और इतिहास का संबंध अनुकरण या प्रतिबिंब का नहीं है. यह एक जटिल अंतःसंवाद है, जिसमें इतिहास साहित्य के ...
आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि भारत में बौद्ध धर्म क्रमशः अवनति की ओर बढ़ता हुआ अंततः विलुप्त ...
भारतीय लोक-वृत्त में प्रसारित कथाओं, पर्वों और अनुष्ठानों पर आलोचनात्मक चिंतन का सूत्रपात औपनिवेशिक भारत में हुआ, देशी और विदेशी ...
अश्वघोष का ‘बुद्धचरित’ धार्मिक ही नहीं, साहित्यिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है. यह एक ऐसा महाकाव्य है, जो भारत में ...
लगभग पचास ईसवी पूर्व के महान कवि अश्वघोष की कृति ‘बुद्धचरित’ के महत्व से आज विश्व सुपरिचित है. दुर्भाग्य से ...
‘2024 : इस साल किताबें’ का यह तीसरा हिस्सा है. इसके पहले हिस्से में आपने महत्वपूर्ण रचनाकारों मृदुला गर्ग, हरीश ...
साल समाप्ति पर है. लेखकों की दुनिया किताबों की दुनिया है. पाठक अपने प्रिय लेखकों को पढ़ते हैं और लेखक ...
पुरानी पोथियों की तलाश, मिलान और पाठ-निर्धारण की प्रक्रिया में हिंदी में पाठालोचन (Textual criticism) की शुरुआत हुई थी पर ...
भिन्न भाषाओं के उपन्यासों के तुलनात्मक अध्ययन के लिए दोनों की संस्कृति, समाज और राजनीति से अद्यतन होना आवश्यक होता ...
इतिहास में कुछ जगहें ऐसी होती हैं जहाँ वर्तमान बार-बार जाता है. नालंदा ऐसी ही जगहों में से है. क्या ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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