कवि, उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल को इस वर्ष साहित्य अकादमी की ‘महत्तर सदस्यता’ प्रदान की गयी है, यह अकादमी का...
विनय कुमार की ‘सूर्योदय’ और ‘सूर्यास्त’ केन्द्रित कविताएँ आपने यहीं पढ़ीं हैं, प्रस्तुत दस कविताएँ ‘कश्मीर’ पर लिखी गयीं हैं,...
कथाकार प्रवीण कुमार की कहानी ‘रामलाल फ़रार है’ पर आधारित पंकज कुमार बोस का यह आलेख दिलचस्प और विचारोत्तेजक है....
कन्हैयालाल नंदन (१ जुलाई,१९३३ - २५ सितम्बर,२०१०) अपने समय की कई महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े हुए थे. धर्मयुग के सहायक...
वरिष्ठ मार्क्सवादी आलोचक मैनेजर पाण्डेय आज अस्सी वर्ष के हो गये. उन्हें हिंदी समाज की तरफ से शुभकामनाएं. हिंदी आलोचना...
वरिष्ठ मार्क्सवादी आलोचक मैनेजर पाण्डेय आज अस्सी वर्ष के हो गये. उन्हें हिंदी समाज की तरफ से शुभकामनाएं. हिंदी आलोचना...
हम अपने लेखकों के लेखक-व्यक्तित्व से परिचित होते हैं, उनका सामाजिक और पारिवारिक चेहरा भी होता है. वरिष्ठ आलोचक मैनेजर...
जेम्स ज्वायस (2 फरवरी, 1882 – 13 जनवरी, 1941) की कहानी एवलीन का यह अनुवाद शिव किशोर तिवारी ने मूल...
आज विष्णु खरे की तीसरी बरसी है. प्रकाश मनु का उनसे घनिष्ठ लगाव रहा है, उनके द्वारा विष्णु खरे का...
हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक मैनेजर पाण्डेय आगामी २३ सितम्बर को अस्सी वर्ष के हो रहें हैं. इसे ध्यान में रखते...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum