कविता

गिरिराज किराडू

युवा चर्चित कवि गिरिराज किराडू किसी परिचय के  मोहताज नहीं हैं. हिंदी कविता का समकालीन चेहरा उन्हें शामिल किए बिना अधूरा है और इस तरह का कोई खल –कूट -...

आशुतोष दुबे की कविताएँ

आशुतोष दुबे की कविताएँ

रंग–पर्व पर आशुतोष दुबे की इन कविताओं में ऋतु के करवट लेने की आहट है, हर रंग का अपना निहितार्थ होता है और वह भी कही ख़ुशी से खिल पड़ता...

बाबुषा कोहली की कविताएँ

बाबुषा कोहली की कविताएँ

समकालीन हिंदी कविता दुहराव और घिस चली भंगिमाओं के एक मकड़जाल में है. न जाने कवि किस दुनिया की चाह में इसे रचे जा रहे हैं. कविता सुनते-पढ़ते कई चिरपरिचित...

अच्युतानंद मिश्र की कविताएँ

युवा अच्युतानंद मिश्र की इन व्यस्क कविताओं में जीवन और आजीविका की यातना के स्वरों का आरोह- अवरोह है. समकालीन हिंदी कविता केवल स्वप्न और आकांक्षा की ही कविता नहीं...

वाज़दा ख़ान की कविताएँ

क्यूं लिखना कविता का     _____________________________________लिखने का आलम क्यूंआधी दुनिया या पूरी दुनिया केदु:ख के समन्दर में डूबने की प्रवृत्तिअन्दर निराशा भर लेने की प्रवृत्तिघुटने की प्रवृत्तिसंवेदनाओं में त्राहिमाम-त्राहिमामहोगा, कितनी तबाहियांफिर...

गिरिराज किराडू की कविताएँ

गिरिराज किराडू की कुछ नई कविताएँ  पहली बात तो यह है कि गिरिराज की कविताओं का हिंदी में कोई  पूर्वज नहीं हैं पर इन कविताओं में हिंदी उर्दू के पूर्वज...

राकेश श्रीमाल की कविताएँ

सृजनशीलता  रहस्यमय वस्तु समझी जाती है, खासकर कलाओं में - कविता के ‘उतरने; की बात कही जाती है किसी खास मनोदशा में कुछ घटित होता है- और रचना संभव हो...

शिरीष कुमार मौर्य की कविताएँ

शिरीष  कुमार  मौर्य की इन चारों कविताओं में एक युवा की नैतिक और सामाजिक जबाबदेही मुखर हुई है. ‘पूंजी के क्रूर प्रवाह’,‘ग़लत नीतियों’ और ‘राजनीति में विकल्‍पहीनता’ के जुनूनी दौर...

प्रेमचंद गाँधी की कविताएँ

कविता में बारिश              प्रेमचंद गांधी ऋतुएं हमारी काव्य-परम्परा के विषय और आलम्बन दोनों रहे हैं. कवि प्रेमचंद गांधी ने इन कविताओं में बारिश को अनके...

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