मेरा नाम सत्येंद्र है: अमन सोनी
बाल-अपराध बच्चों पर समाज की निष्ठुर हिंसा की बेबस प्रतिक्रिया है. ऐसा संवेदनशील समाज बनाने में हम असमर्थ रहें हैं जहाँ स्वस्थ ढंग से उनका विकास हो सके. युवा अमन...
बाल-अपराध बच्चों पर समाज की निष्ठुर हिंसा की बेबस प्रतिक्रिया है. ऐसा संवेदनशील समाज बनाने में हम असमर्थ रहें हैं जहाँ स्वस्थ ढंग से उनका विकास हो सके. युवा अमन...
हरदीप सबरवाल हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी में लिखते हैं. उनकी यह कहानी अच्छी है. पठनीय है.
अक्सर अकादमिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर हिंदी कथा साहित्य के मनोविश्लेषण की कोशिशें होती रहती हैं, ये कोशिशें भी मनोवैज्ञानिकों द्वारा नहीं हुईं हैं. किसी मनोविश्लेषक को यह काम...
प्रभात रंजन मूलतः कथाकार हैं. उनकी पहचान उनकी कहानियों से बनी फिर वह अनुवाद और संपादन की ओर मुड़ गये. उनके अंदर का कथाकार जब-तब जगता है वह कहानी लिखते...
अनंत में 1,670 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूमती पृथ्वी पर मनुष्य अपने अस्तित्व को लेकर इतना आश्वस्त है कि उसे ही एकमात्र सत्य समझता है, अगर वह इकाई...
पिछले साल फणीश्वरनाथ रेणु (4 मार्च 1921- 11 अप्रैल 1977) के जन्म शताब्दी समारोह में उनपर कई पत्रिकाओं ने अपने विशेष-अंक निकाले. कथाकार और आलोचक राकेश बिहारी ने एक अनूठा...
फ़रीद ख़ाँ को हिंदी कवि के रूप में हम सब जानते ही हैं, कथाकार फ़रीद ख़ाँ इस कहानी से अब सामने आ रहें हैं. फ़रीद टीवी और फ़िल्मों से जुड़े...
ज्ञान चंद बागड़ी के उपन्यास ‘आख़िरी गाँव’ ने ध्यान खींचा है, इधर उनकी कहानियां भी सामने आ रहीं हैं जो देशज कथाभूमि से उठती हैं और हाशिये पर गुजर बसर...
किंशुक गुप्ता अंग्रेजी और हिंदी में लिखते हैं, उनकी कहानी ‘ओपन मैरिज’ शहरी मध्य वर्ग के बीच विवाह की बदलती रीतियों और उनसे उपजी विडम्बनाओं पर केन्द्रित है. ‘फेमिनिज्म’ भी...
वरिष्ठ कथाकार हरि भटनागर की यह कहानी व्यंजना में भी जाती है. आस-पास की दैनिक गतिविधियों में ऐसा बहुत कुछ है जो आपके मनुष्य होने की परख करता चलता है,...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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