ज़मीन की आशा में पानी पर चलना: कुमार अम्बुज
सच में सभ्यता का इतिहास साथ ही साथ बर्बरता का भी इतिहास है, जर्मनी के नाज़ी दौर में यहूदियों को ...
सच में सभ्यता का इतिहास साथ ही साथ बर्बरता का भी इतिहास है, जर्मनी के नाज़ी दौर में यहूदियों को ...
आज बसंत पंचमी है. धूप खिली है, जैसे बसंत का संदेश लेकर आयी हो. आज महत्वपूर्ण कवयित्री सविता सिंह का ...
विश्व के महानतम निर्देशकों में से एक रूस के आंद्रेई तारकोवस्की द्वारा निर्देशित फ़िल्मों के काव्यत्व की चर्चा होती रही ...
कुमार अम्बुज विश्व सिनेमा से कालजयी चलचित्रों पर इधर लिख रहें हैं, कहना यह चाहिए कि उनके समानांतर लिख रहें ...
वृद्ध होना केवल दैहिक परिवर्तन नहीं है, यह और भी बहुत कुछ है- परिवार और समाज में तेजी से स्थितियां ...
कवि कुमार अम्बुज हिंदी में फ़िल्मों पर सृजनात्मक ढंग से लिखने वाले कुछ गिने चुने लेखकों में शामिल हैं. मर्गेरीट ...
ऑस्कर वाइल्ड (16 अक्तूबर, 1854 – 30 नवम्बर, 1900) की 1898 में लिखी कविता ‘The Ballad of Reading Gaol’ जेलों ...
साहित्य अपने काल में धंस कर लिखा जाता है और अगर उसमें दम होगा तो वह अपने काल को पार ...
शिरीष मौर्य इधर थीम केंद्रित कविता- शृंखलाओं पर काम कर रहें हैं. 'रितुरैण', ‘चर्यापद’ और ‘राग पूरबी’ के बाद ‘आत्मकथा’ ...
हिंदी के महत्वपूर्ण कवि कुमार अम्बुज की कुछ नयी कविताएँ प्रस्तुत हैं. ये कविताएँ हमारे समय को संबोधित हैं, ये ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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