शोध

मार्कंडेय लाल चिरजीवी: सुजीत कुमार सिंह

मार्कंडेय लाल चिरजीवी: सुजीत कुमार सिंह

मार्कंडेय लाल चिरजीवी भारतेंदु के समकालीन कवि हैं, उन्हें कायस्थ समझा गया जबकि दलितों की एक जाति ‘दबहर’ से उनका सम्बन्ध था. यह शोध आलेख नवजागरणकालीन साहित्य में गहन रुचि...

पद्मिनी कथा, देशज ऐतिहासिक कथा-काव्य और जायसी: माधव हाड़ा

पद्मिनी कथा, देशज ऐतिहासिक कथा-काव्य और जायसी: माधव हाड़ा

रानी पद्मिनी की कथा में कितना इतिहास है और कितनी कल्पना यह विवाद का विषय और शोध का क्षेत्र है, महाकवि जायसी के ‘पदमावत’ के स्रोतों को लेकर भी संभ्रम...

मुक्तिबोध : भाषा और अवचेतन का सवाल तथा ब्रह्मराक्षसीय ट्रैजेडी : अनूप बाली

समालोचन पर ही प्रकाशित सदाशिव श्रोत्रिय के मुक्तिबोध की लम्बी कविता ‘लकड़ी का रावण’ के भाष्य को लेकर शोधार्थी अनूप बाली ने असहमति प्रकट करते हुए कुछ सवाल उठाये थे....

यशोदा देवी: उपनिवेश और आयुर्वेदिक चिकित्सा: सौरव कुमार राय

साभार: चारु गुप्ता, 'प्रोक्रिएशन एंड प्लेजर: राइटिंग्स ऑफ़ ए वुमन आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर इन कोलोनिअल नॉर्थ इंडिया' (2005)   उपनिवेश के विरुद्ध भारत का संघर्ष ‘नवजागरण’ की...

मुक्तिबोधीय फैंटेसी में वास्तविक का पुनरागमन : अनूप बाली

अनूप बाली ‘स्कूल ऑफ़ कल्चर एंड क्रिएटिव एक्सप्रेशन’ अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के शोध छात्र हैं. मुक्तिबोध के फैंटेसी के मनोविश्लेषण पक्ष पर यह उनका संजीदा शोध लेख है.   मुक्तिबोधीय फैंटेसी में...

गोदान और मैला आँचल : आलोचना के अँधेरे : मनीष

गोदान और मैला आँचल : आलोचना के अँधेरे : मनीष

मनीष दिल्ली विश्वविद्यालय में शोध अध्येता हैं, वे वर्तमान में ‘फणीश्वरनाथ रेणु के साहित्य में भूमि, जाति एवं राजनीति का अन्तःसंबंध’ विषय पर शोधकार्य कर रहे हैं. यह दिलचस्प आलेख...

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