अरुण कोलटकर (3): अरुण खोपकर
अरुण कोलटकर जैसे कवि-कलाकार किसी भाषा में कभी-कभी ही संभव होते हैं. वह दो भाषाओं में एक साथ हुए. ऐसे ...
अरुण कोलटकर जैसे कवि-कलाकार किसी भाषा में कभी-कभी ही संभव होते हैं. वह दो भाषाओं में एक साथ हुए. ऐसे ...
अरुण बालकृष्ण कोलटकर (1 नवंबर, 1932 - 25 सितंबर 2004) मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के महत्वपूर्ण कवि हैं. उनकी ...
अरुण बालकृष्ण कोलटकर (1 नवंबर, 1932 - 25 सितंबर 2004) विश्व के बड़े कवियों में से एक हैं. वह कबीर ...
यह आलेख कृष्णा सोबती के प्रसिद्ध उपन्यास ‘सूरजमुखी अँधेरे के’ की चर्चा करते हुए उसके कुछ अज्ञात आयामों की ओर ...
यह कहानी नहीं गाथा है. एक महाकाव्य के प्रतिनायक का ऐसा पक्ष जो उसके सामूहिक दाह के वार्षिक शोर में ...
डिजिटल माध्यम की पत्रिका के रूप में पिछले डेढ़ दशकों के अपने नियमित प्रकाशन से समालोचन ने कई मान्य अवधारणाओं ...
विश्व सिनेमा से कुमार अम्बुज’ की इस कड़ी में ‘It Must Be Heaven’, ‘Many Beautiful Things’, ‘Coda’, और ‘Christ Stopped ...
बत्तीस वर्षीय आशीष बिहानी मॉन्ट्रियल चिकित्सकीय अनुसंधान संस्थान (कनाडा) में शोधार्थी हैं. वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य की उनकी दो लम्बी कविताएँ ‘भीष्म’ ...
अक्सर जब किसी चर्चित औपन्यासिक कृति पर फ़िल्म बनती है, पाठकों को निराशा होती है. उपन्यास के पाठ और फ़िल्म ...
मूल कथ्य पर टिकी हुई, यथार्थवादी, मार्मिक और समयोचित संदेश देती हुई. एक बैठकी में पढ़ जाने योग्य. कहानी से ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum