कृष्ण कल्पित का कविता संग्रह- ‘एक महादेश की गाथा: हिन्दनामा’ २०१९ में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ था और तभी...
किंशुक गुप्ता अंग्रेजी और हिंदी में लिखते हैं, उनकी कहानी ‘ओपन मैरिज’ शहरी मध्य वर्ग के बीच विवाह की बदलती...
१९४३ के आस-पास लिखी गयी बांग्ला भाषा के प्रमुख कथाकार माणिक वंद्योपाध्याय की कहानी ‘विवेक’ प्रस्तुत है जिसका अनुवाद शिव...
आज बसंत पंचमी है. धूप खिली है, जैसे बसंत का संदेश लेकर आयी हो. आज महत्वपूर्ण कवयित्री सविता सिंह का...
वरिष्ठ कथाकार हरि भटनागर की यह कहानी व्यंजना में भी जाती है. आस-पास की दैनिक गतिविधियों में ऐसा बहुत कुछ...
अपराधियों के माथे पर दाग़ लगाकर मुगल काल में उन्हें ‘दाग़े-ए-शाही’ (हिमाचल प्रदेश) में सजा काटने के लिए भेज दिया...
पल्लव ‘बनास जन’ के संपादक हैं, लेखक हैं, साहित्य के अनेक मोर्चों पर सक्रिय रहते हैं, प्यारे इंसान हैं. उदयपुर...
जिस शहर में मैं रहता हूँ वहां एक मोहल्ला है मकबरा, पहली बार जब किसी ने कहा कि वह मकबरे...
आज महात्मा गाँधी की ७४वीं पुण्यतिथि है. ग्लानि और अपराध बोध के ७४ साल. जो अफ्रीका से बच कर आ...
सुजीत कुमार सिंह हिंदी नवजागरणकालीन साहित्य के अध्येता हैं. हरीश त्रिवेदी द्वारा संपादित, ‘अब्दुर्रहीम ख़ानेख़ाना: काव्य-सौन्दर्य और सार्थकता’ को परखते...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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