रूपम मिश्र की कविताएँ
प्रिया वर्मा की कविताओं पर टिप्पणी में देवीप्रसाद मिश्र ने ‘पितृपक्षीय गार्हस्थ्य को उजाड़ने के आग्रहों से भरी’ कहते हुए ...
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प्रिया वर्मा की कविताओं पर टिप्पणी में देवीप्रसाद मिश्र ने ‘पितृपक्षीय गार्हस्थ्य को उजाड़ने के आग्रहों से भरी’ कहते हुए ...
प्रिया वर्मा की कविताएँ इधर उभर कर सामने आयीं हैं. वे लगातार लिख रहीं हैं. हिंदी कविता में अब दशक ...
शचीन्द्र आर्य की प्रस्तुत कविताओं की ताज़गी अलग दिखने के किसी सचेत प्रयास का कोई नियंत्रित परिणाम नहीं है. कवि ...
फ़ैज़ ने अपने एक शेर में कहा है कि ‘जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले’. प्रेम का बदलाव से, ...
कवि अपनी प्रेयसियों पर कविताएँ लिखते रहें हैं. प्रिय कवियों पर भी कविताएँ लिखीं गयीं हैं. ज्योति शोभा ने पांच ...
क्रिकेट भारत का लोकप्रिय खेल है, कुछ कवि भी खेलते होंगे, देखते तो होंगे ही. क्रिकेट पर हिंदी में कविताएँ ...
हेमंत देवलेकर बहुमुखी व्यक्तित्व रखते हैं. अभिनय, संगीत, नाट्य लेखन, रंग-कर्म, कविताएँ आदि उनके क्षेत्र हैं. युवा रचनाकारों की अचूक ...
हिंदी और मराठी का गहरा नाता है एक तो दोनों की लिपि देवनागरी है, फिर प्रारम्भिक खड़ी बोली हिंदी ने ...
पृथ्वी से सूर्य की दूरी पर इस धरा का अस्तित्व निर्भर है. दूरी बढ़ी तो जीवन बर्फ़ और घटी तो ...
कवि-आलोचक अच्युतानंद मिश्र की इन नयी कविताओं में उदासी और निराशा का व्यक्तिगत से अधिक कालगत सन्दर्भ है. यह इस ...
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